भारत के करोड़ों कारीगर और शिल्पकार — बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, नाई, मोची, राजमिस्त्री जैसे पारंपरिक हुनर के लोग — हमारे देश की असली पहचान हैं। इन्हीं कारीगरों के हुनर को पहचान देने, उन्हें आधुनिक औज़ार उपलब्ध कराने और बिना गारंटी सस्ता लोन दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने PM Vishwakarma Yojana शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र कारीगरों को ₹3 लाख तक का लोन सिर्फ 5% ब्याज पर, ₹15,000 का टूलकिट, मुफ़्त स्किल ट्रेनिंग और ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन का भत्ता दिया जाता है। अगर आप किसी पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हैं या आपके परिवार में कोई कारीगर है, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की है। आइए विस्तार से समझते हैं कि PM Vishwakarma Yojana क्या है, कौन इसका लाभ ले सकता है और आवेदन कैसे करना है।
PM Vishwakarma Yojana क्या है?
PM Vishwakarma Yojana केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लॉन्च किया गया था। यह योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों (जिन्हें विश्वकर्मा कहा जाता है) को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। सरकार ने इस योजना के लिए 2023-24 से 2027-28 तक कुल ₹13,000 करोड़ का बजट तय किया है, और योजना 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य है — “वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर भारत के सपने को ज़मीनी स्तर पर साकार करना। देश में हज़ारों साल पुराने पारंपरिक हुनर धीरे-धीरे खत्म हो रहे थे क्योंकि कारीगरों के पास आधुनिक औज़ार नहीं थे, सस्ता लोन नहीं मिलता था और उनके उत्पादों का बाज़ार नहीं मिल पाता था। PM Vishwakarma Yojana इन सभी समस्याओं का एक साथ समाधान देती है — पहचान, प्रशिक्षण, औज़ार, लोन और बाज़ार — पाँचों एक ही योजना में।
PM Vishwakarma Yojana के मुख्य लाभ
इस योजना के तहत पात्र कारीगरों को एक साथ कई बड़े लाभ मिलते हैं। नीचे सभी लाभ विस्तार से दिए गए हैं:
- PM विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और पहचान पत्र: योजना में पंजीकृत हर कारीगर को PM Vishwakarma Certificate और ID कार्ड दिया जाता है, जो उसे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कारीगर के रूप में स्थापित करता है।
- मुफ़्त स्किल ट्रेनिंग: कारीगरों को 5 से 7 दिन का बेसिक प्रशिक्षण दिया जाता है, और जो आगे बढ़ना चाहें उनके लिए एडवांस ट्रेनिंग का भी प्रावधान है।
- ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन भत्ता: प्रशिक्षण के दिनों में कारीगर को रोज़ाना ₹500 का वजीफ़ा (स्टाइपेंड) मिलता है, ताकि ट्रेनिंग के समय उसकी आय का नुकसान न हो।
- ₹15,000 का टूलकिट: आधुनिक औज़ार खरीदने के लिए ₹15,000 का ई-वाउचर दिया जाता है, जिससे कारीगर अपने काम के लिए नए और बेहतर टूल ले सकता है।
- ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन: व्यवसाय बढ़ाने के लिए दो किस्तों में कुल ₹3 लाख तक का लोन मिलता है — पहली किस्त ₹1 लाख और दूसरी किस्त ₹2 लाख, सिर्फ 5% सालाना ब्याज पर, बिना किसी गारंटी के।
- डिजिटल प्रोत्साहन: हर डिजिटल लेनदेन पर ₹1 का कैशबैक (महीने में अधिकतम 100 लेनदेन तक) और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
- मार्केटिंग सहायता: कारीगरों के उत्पादों को बेचने के लिए GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़ा जाता है, ताकि उनका सामान पूरे देश में बिक सके।
PM Vishwakarma Yojana में कौन आवेदन कर सकता है? (पात्रता)
योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। अगर आप इन शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप आवेदन कर सकते हैं:
- आवेदक भारत का नागरिक हो और उसकी उम्र कम से कम 18 साल हो।
- आवेदक किसी पारंपरिक व्यवसाय में हाथों और औज़ारों से काम करता हो और नीचे दिए गए 18 व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ा हो।
- आवेदक असंगठित क्षेत्र में स्वरोज़गार के रूप में काम कर रहा हो।
- सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं हैं।
- एक परिवार से सिर्फ एक ही सदस्य आवेदन कर सकता है। यहाँ परिवार का मतलब है — पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे।
- आवेदक ने पिछले 5 साल में PMEGP, PM SVANidhi या Mudra जैसी क्रेडिट-आधारित योजनाओं से लोन न लिया हो।
- आवेदक आवेदन के समय सक्रिय रूप से उसी व्यवसाय में काम कर रहा हो।
योजना में शामिल 18 पारंपरिक व्यवसाय
PM Vishwakarma Yojana में कुल 18 पारंपरिक पारिवारिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। अगर आप इनमें से किसी भी व्यवसाय से जुड़े हैं, तो आप पात्र हो सकते हैं:
- बढ़ई (सुथार/बढ़ाई) — लकड़ी का काम
- नाव बनाने वाला (पारंपरिक)
- लोहार — लोहे के औज़ार और काम
- तालसाज़ (ताले बनाने वाला)
- सुनार — सोने-चाँदी का काम
- कुम्हार — मिट्टी के बर्तन
- मूर्तिकार — पत्थर की नक्काशी
- पत्थर तोड़ने वाला / पत्थर कारीगर
- मोची — जूते-चप्पल बनाने और मरम्मत का काम
- राजमिस्त्री — भवन निर्माण का काम
- टोकरी, चटाई और झाड़ू बनाने वाला / कॉयर बुनकर
- गुड़िया और खिलौने बनाने वाला (पारंपरिक)
- नाई — बाल काटने का काम
- मालाकार — माला और फूल का काम
- धोबी — कपड़े धोने का काम
- दर्जी — सिलाई का काम
- हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाला
- मछली का जाल बनाने वाला
इनके अलावा बुनकर (वीवर) जैसे वस्त्र से जुड़े कारीगर भी योजना के दायरे में आते हैं। अपने ज़िले के CSC केंद्र पर जाकर यह ज़रूर पुष्टि कर लें कि आपका व्यवसाय सूची में है।
PM Vishwakarma Yojana Loan: ₹1 लाख + ₹2 लाख की पूरी जानकारी
योजना का सबसे बड़ा आकर्षण है — बिना किसी गारंटी के ₹3 लाख तक का लोन, सिर्फ 5% सालाना ब्याज पर। यह लोन दो किस्तों में मिलता है:
- पहली किस्त — ₹1 लाख: बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कारीगर ₹1 लाख तक का लोन ले सकता है। इस लोन का इस्तेमाल व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।
- दूसरी किस्त — ₹2 लाख: पहली किस्त का समय पर भुगतान करने और कुछ शर्तें पूरी करने के बाद दूसरी किस्त के रूप में ₹2 लाख तक का लोन मिलता है।
खास बात यह है कि लोन पर बाज़ार दर से ज़्यादा ब्याज नहीं लगता। बैंक को जो अतिरिक्त ब्याज (करीब 8%) बनता है, वह भारत सरकार खुद सब्सिडी के रूप में देती है। यानी कारीगर को सिर्फ 5% ब्याज ही चुकाना होता है। कोई मॉर्गेज, कोई गारंटर, कोई संपत्ति गिरवी — कुछ नहीं चाहिए। यह कोलैटरल-फ़्री लोन है, जो पारंपरिक कारीगरों के लिए बड़ी राहत है।
ट्रेनिंग, ₹500 भत्ता और ₹15,000 टूलकिट
लोन के अलावा ट्रेनिंग और टूलकिट का लाभ भी योजना की बड़ी ताक़त है। बेसिक ट्रेनिंग 5 से 7 दिन की होती है, जिसमें कारीगर को अपने हुनर के आधुनिक तरीक़े सिखाए जाते हैं — नए डिज़ाइन, बेहतर टूल का इस्तेमाल, गुणवत्ता सुधार और ग्राहक से बातचीत के गुर। जो कारीगर और आगे बढ़ना चाहें, उनके लिए एडवांस ट्रेनिंग की सुविधा भी है।
ट्रेनिंग के हर दिन कारीगर को ₹500 का दैनिक भत्ता दिया जाता है। यह सोच बहुत व्यावहारिक है — ट्रेनिंग के दिनों में कारीगर की दिहाड़ी का नुकसान न हो, इसलिए सरकार उसे यह रकम देती है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कारीगर को ₹15,000 का ई-वाउचर मिलता है, जिससे वह अपने व्यवसाय के लिए आधुनिक औज़ार खरीद सकता है। पुराने ख़राब औज़ारों से अच्छा काम नहीं होता — यह टूलकिट कारीगर की उत्पादकता और आय, दोनों बढ़ाता है।
डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक और मार्केटिंग सहायता
आज के दौर में जो कारीगर डिजिटल हुआ, वही आगे बढ़ा। PM Vishwakarma Yojana कारीगरों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के लिए हर डिजिटल लेनदेन पर ₹1 का कैशबैक देती है (महीने में अधिकतम 100 लेनदेन तक)। इससे कारीगर UPI और डिजिटल पेमेंट अपनाने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।
इसके साथ ही कारीगरों को GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ा जाता है, ताकि उनके बनाए सामान — मिट्टी के बर्तन, लकड़ी का फ़र्नीचर, हथकरघा के कपड़े, धातु की मूर्तियाँ — पूरे देश में बिक सकें। गाँव का कारीगर अब सिर्फ़ गाँव का ग्राहक नहीं, पूरे भारत का ग्राहक पा सकता है।
PM Vishwakarma Yojana Apply Online: आवेदन की पूरी प्रक्रिया
यह जानना सबसे ज़रूरी है कि इस योजना में सीधे ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- नज़दीकी CSC केंद्र जाएँ: अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC / जनसेवा केंद्र) पर जाएँ। आवेदन वहीं से किया जाता है।
- दस्तावेज़ साथ ले जाएँ: आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी (पासबुक/खाता संख्या और IFSC), और व्यवसाय से जुड़ा कोई प्रमाण या जानकारी साथ रखें।
- पोर्टल पर पंजीकरण: CSC ऑपरेटर आपका पंजीकरण आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर करेगा। बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट) भी इसी समय होता है।
- तीन चरणों का सत्यापन: आपके आवेदन की जाँच ग्राम पंचायत स्तर और अन्य अधिकारियों द्वारा की जाती है — यानी कुल तीन चरणों का वेरिफिकेशन होता है।
- प्रमाणपत्र और ID: सत्यापन के बाद आपको PM Vishwakarma Certificate और ID कार्ड जारी होता है।
- ट्रेनिंग और लाभ: इसके बाद आपकी ट्रेनिंग का शेड्यूल बनता है, और ट्रेनिंग पूरी होने पर टूलकिट वाउचर और लोन की प्रक्रिया शुरू होती है।
ध्यान रखें — आवेदन पूरी तरह मुफ़्त है। अगर कोई CSC ऑपरेटर या एजेंट आपसे आवेदन के नाम पर पैसे माँगे, तो उसकी शिकायत करें। योजना का आधिकारिक पोर्टल सिर्फ pmvishwakarma.gov.in है — किसी भी अन्य वेबसाइट पर अपनी जानकारी न डालें।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए अनिवार्य)
- बैंक खाता विवरण (खाता संख्या, IFSC कोड) — लाभ की रकम DBT से सीधे खाते में आती है
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक होना बेहतर)
- व्यवसाय का प्रमाण या स्व-घोषणा कि आप संबंधित व्यवसाय में कार्यरत हैं
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?
आवेदन करने के बाद आप अपने CSC केंद्र से या आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर अपने पंजीकरण नंबर से आवेदन की स्थिति जान सकते हैं। सत्यापन तीन चरणों में होता है, इसलिए थोड़ा समय लग सकता है — घबराएँ नहीं। अगर सत्यापन में कोई कमी बताई जाए, तो CSC केंद्र जाकर उसे ठीक कराएँ।
ध्यान रखने वाली महत्वपूर्ण बातें
- एक परिवार से केवल एक ही सदस्य योजना का लाभ ले सकता है — सोच-समझकर तय करें कि परिवार का कौन सा कारीगर सदस्य आवेदन करे।
- अगर आपने पिछले 5 साल में PMEGP, PM SVANidhi या Mudra लोन लिया है, तो आप इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
- सरकारी नौकरी में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं हैं।
- आवेदन करते समय वही व्यवसाय दर्ज कराएँ जिसमें आप वास्तव में काम करते हैं — ग़लत जानकारी पर सत्यापन में आवेदन रद्द हो सकता है।
- योजना 31 मार्च 2028 तक खुली रहेगी, लेकिन ट्रेनिंग और लोन चरणों में होते हैं — जल्दी आवेदन करने वालों को पहले लाभ मिलता है।
PM Vishwakarma Yojana: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. PM Vishwakarma Yojana में कितना लोन मिलता है?
इस योजना में कुल ₹3 लाख तक का लोन मिलता है — पहली किस्त में ₹1 लाख और दूसरी किस्त में ₹2 लाख। लोन पर सिर्फ 5% सालाना ब्याज लगता है और यह पूरी तरह बिना गारंटी (कोलैटरल-फ़्री) है।
2. क्या इस योजना के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन हो सकता है?
नहीं, सीधे ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है। आवेदन नज़दीकी CSC (जनसेवा केंद्र) पर जाकर ही होता है, जहाँ बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर पंजीकरण किया जाता है।
3. ट्रेनिंग में कितने दिन लगते हैं और भत्ता कितना मिलता है?
बेसिक ट्रेनिंग 5 से 7 दिन की होती है, और ट्रेनिंग के हर दिन ₹500 का भत्ता दिया जाता है। इच्छुक कारीगर एडवांस ट्रेनिंग भी ले सकते हैं।
4. ₹15,000 का टूलकिट कैसे मिलता है?
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कारीगर को ₹15,000 का ई-वाउचर दिया जाता है, जिससे वह अपने व्यवसाय से जुड़े आधुनिक औज़ार खरीद सकता है।
5. क्या महिलाएँ भी आवेदन कर सकती हैं?
हाँ, अगर महिला कारीगर किसी 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ी है और पात्रता की सभी शर्तें पूरी करती है, तो वह भी आवेदन कर सकती है।
6. योजना कब तक चलेगी?
PM Vishwakarma Yojana 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई थी और 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी। लेकिन ट्रेनिंग और लोन चरणबद्ध तरीके से होते हैं, इसलिए जल्दी आवेदन करना फ़ायदेमंद है।
7. लोन न चुकाने पर क्या होता है?
यह लोन बैंक के माध्यम से मिलता है, इसलिए समय पर किस्त चुकाना ज़रूरी है। दूसरी किस्त (₹2 लाख) तभी मिलती है जब पहली किस्त का भुगतान सही तरीके से हुआ हो। समय पर भुगतान से क्रेडिट हिस्ट्री भी बनती है, जो भविष्य में बड़े लोन में काम आती है।
निष्कर्ष
PM Vishwakarma Yojana पारंपरिक कारीगरों के लिए एक सुनहरा अवसर है। ₹3 लाख तक का सस्ता लोन, ₹15,000 का टूलकिट, मुफ़्त ट्रेनिंग के साथ ₹500 प्रतिदिन भत्ता, डिजिटल कैशबैक और मार्केटिंग सहायता — इतने सारे लाभ एक ही योजना में मिलना वाक़ई बड़ी बात है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए कोई गारंटी नहीं चाहिए और ब्याज भी सिर्फ 5% है।
अगर आप बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, नाई, मोची, राजमिस्त्री या 18 व्यवसायों में से किसी भी पारंपरिक हुनर से जुड़े हैं, तो देर न करें — अपने नज़दीकी CSC केंद्र पर जाकर आवेदन करें। यह जानकारी अपने उन दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भी ज़रूर साझा करें जो कारीगरी का काम करते हैं, ताकि वे भी PM Vishwakarma Yojana का लाभ उठा सकें। ऐसी ही सरकारी योजनाओं की आसान भाषा में जानकारी के लिए पढ़ते रहें yuvadarpan.com।












