अगर आपने हाल ही में अपनी पहली प्राइवेट नौकरी जॉइन की है, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार की PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के तहत पहली बार फॉर्मल सेक्टर में नौकरी करने वाले युवाओं को ₹15,000 तक का सीधा नकद इंसेंटिव मिलेगा। यह पैसा आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होगा, और इसके लिए आपको अलग से कोई लंबी-चौड़ी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
यह योजना खास तौर पर उन युवाओं के लिए बनाई गई है जो पढ़ाई पूरी करके पहली बार नौकरी की दुनिया में कदम रख रहे हैं। अक्सर पहली नौकरी के शुरुआती महीनों में सैलरी कम होती है और खर्चे ज्यादा — सरकार इसी मुश्किल दौर में आपकी मदद करना चाहती है। आइए जानते हैं इस योजना की पूरी जानकारी — कौन ले सकता है लाभ, कितना पैसा कब मिलेगा और आवेदन कैसे करना है।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana क्या है?
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana केंद्र सरकार की एक रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की थी। इसके बाद 1 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी दी और इसके लिए ₹99,446 करोड़ का भारी-भरकम बजट रखा गया।
इस योजना का सबसे बड़ा लक्ष्य है — देश में 3.5 करोड़ से ज्यादा नए रोजगार पैदा करना और युवाओं को फॉर्मल (संगठित) क्षेत्र की नौकरियों की ओर आकर्षित करना। योजना को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चलाता है और इसका क्रियान्वयन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के जरिए होता है।
सरल भाषा में कहें तो यह योजना दो तरफा फायदा देती है — नौकरी करने वाले युवा को ₹15,000 तक और नौकरी देने वाली कंपनी को हर नए कर्मचारी पर हर महीने ₹1,000 से ₹3,000 तक का इंसेंटिव। यानी सरकार चाहती है कि कंपनियां ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरी दें और युवा भी प्राइवेट सेक्टर की फॉर्मल नौकरियों को अपनाएं।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के दो हिस्से — Part A और Part B
यह योजना दो भागों में बंटी है। पहला हिस्सा सीधे कर्मचारियों (युवाओं) के लिए है और दूसरा हिस्सा नियोक्ताओं यानी कंपनियों के लिए। दोनों को समझना जरूरी है, क्योंकि आपका फायदा इसी पर निर्भर करता है।
Part A: पहली नौकरी वालों को ₹15,000 तक कैसे मिलेंगे
अगर आप पहली बार किसी EPFO से जुड़ी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं, तो आप Part A के हकदार हैं। इसके तहत आपको एक महीने के EPF वेतन के बराबर राशि, अधिकतम ₹15,000 तक का इंसेंटिव मिलेगा। यह पैसा दो किस्तों में दिया जाएगा:
- पहली किस्त — 6 महीने बाद: लगातार 6 महीने एक ही कंपनी में काम करने और EPF योगदान जमा होने पर आपको पहली किस्त मिलेगी। यह राशि आपके 6 महीनों के औसत EPF वेतन का आधा होगी, अधिकतम लगभग ₹7,500 तक।
- दूसरी किस्त — 12 महीने बाद: 12 महीने की नौकरी पूरी करने पर बाकी बची राशि मिलेगी। लेकिन इसके लिए एक शर्त है — आपको सरकार का मुफ्त फाइनेंशियल लिटरेसी (वित्तीय साक्षरता) कोर्स ऑनलाइन पूरा करना होगा। दूसरी किस्त का एक हिस्सा बचत योजना (सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट) में जमा किया जाएगा ताकि आपकी लंबी अवधि की बचत भी बने।
पैसा DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे आपके आधार-सीडेड बैंक खाते में आएगा। यानी बीच में कोई बिचौलिया नहीं, पूरा पैसा सीधे आपको मिलेगा।
Part B: कंपनियों को मिलने वाला फायदा
योजना का दूसरा हिस्सा कंपनियों को नए रोजगार पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करता है। EPFO से जुड़ी कोई भी कंपनी जब योजना अवधि में नए कर्मचारी भर्ती करती है, तो सरकार उसे हर नए कर्मचारी पर प्रोत्साहन देती है:
- EPF वेतन ₹10,000 तक होने पर — वेतन का 10%, अधिकतम ₹1,000 प्रति माह
- EPF वेतन ₹10,001 से ₹20,000 तक होने पर — ₹2,000 प्रति माह
- EPF वेतन ₹20,000 से अधिक होने पर — ₹3,000 प्रति माह
यह इंसेंटिव 2 साल तक मिलेगा, और मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) क्षेत्र की कंपनियों के लिए यह अवधि 4 साल तक बढ़ा दी गई है। पैसा हर 6 महीने में एकमुश्त दिया जाएगा। शर्त यह है कि कंपनी को अपने मौजूदा स्टाफ से ऊपर नेट नए रोजगार पैदा करने होंगे — यानी पुराने कर्मचारियों को हटाकर नए रखने से फायदा नहीं मिलेगा।
कौन ले सकता है लाभ? पात्रता की पूरी शर्तें
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana का लाभ लेने के लिए आपको इन शर्तों को पूरा करना होगा। ध्यान से पढ़ें, क्योंकि एक भी शर्त छूटने पर लाभ अटक सकता है:
- पहली बार EPFO सदस्य: 1 अगस्त 2025 से पहले आप कभी भी EPFO या किसी छूट प्राप्त ट्रस्ट के सदस्य नहीं रहे होने चाहिए। यानी यह आपकी जिंदगी की पहली फॉर्मल नौकरी होनी चाहिए।
- जॉइनिंग की तारीख: आपने 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच किसी EPFO-पंजीकृत संस्थान में नौकरी जॉइन की हो।
- वेतन सीमा: जॉइनिंग के समय आपका मासिक सकल वेतन (ग्रॉस सैलरी) ₹1 लाख या उससे कम होना चाहिए।
- UAN जरूरी: आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) बना होना चाहिए, और वह UMANG ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन से वेरिफाइड होना चाहिए।
- बैंक खाता: आपका बैंक खाता आधार से लिंक (सीडेड) होना चाहिए, क्योंकि पैसा DBT से ही आएगा।
- लगातार नौकरी: पहली किस्त के लिए एक ही कंपनी में लगातार 6 महीने काम करना जरूरी है।
एक अच्छी बात यह है कि योजना में महिलाओं की भागीदारी भी अच्छी रही है — सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लाभार्थियों में लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं हैं।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana में आवेदन कैसे करें?
सबसे अच्छी बात यह है कि इस योजना के लिए आपको अलग से कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। प्रक्रिया लगभग ऑटोमैटिक है, बशर्ते आपकी कंपनी EPFO से जुड़ी हो और आपका UAN सही तरीके से बना हो। स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया इस प्रकार है:
- UAN बनवाएं: जब आप नौकरी जॉइन करते हैं, तो आपकी कंपनी (नियोक्ता) आपका UAN बनाती है। अगर UAN नहीं बना है, तो आप खुद भी UMANG ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए UAN जनरेट कर सकते हैं।
- आधार लिंक कराएं: अपने UAN को आधार से लिंक कराएं और बैंक खाते को भी आधार से सीड कराएं। यह DBT पेमेंट के लिए अनिवार्य है।
- EPF योगदान शुरू: आपकी कंपनी हर महीने आपके वेतन से EPF काटकर EPFO में जमा करेगी। अगस्त 2025 या उसके बाद के वेतन माह से आपका पहला योगदान जमा होना चाहिए।
- 6 महीने पूरे करें: एक ही कंपनी में लगातार 6 महीने काम करने के बाद आपकी पहली किस्त अपने आप प्रोसेस होगी।
- फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स: दूसरी किस्त से पहले सरकार का मुफ्त ऑनलाइन फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स पूरा करें। यह कोर्स पैसे के सही इस्तेमाल और बचत की जानकारी देता है।
अधिकृत जानकारी और अपडेट के लिए EPFO की आधिकारिक वेबसाइट epfindia.gov.in और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की वेबसाइट labour.gov.in पर नजर बनाए रखें। किसी भी अनजान वेबसाइट या एजेंट के झांसे में न आएं — यह योजना पूरी तरह मुफ्त है, इसमें कोई फीस नहीं लगती।
किस्तें कब और कैसे मिलेंगी? पूरी टाइमलाइन
बहुत से युवाओं के मन में सवाल है कि पैसा कब मिलेगा। तो समझिए पूरी टाइमलाइन:
- जॉइनिंग के 6 महीने बाद: पहली किस्त — आपके 6 महीनों के औसत EPF वेतन का आधा, अधिकतम करीब ₹7,500। यह पैसा सीधे बैंक खाते में DBT से आएगा।
- जॉइनिंग के 12 महीने बाद: दूसरी किस्त — कुल ₹15,000 में से बची हुई राशि। शर्त: फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स पूरा होना चाहिए। इस किस्त का एक हिस्सा सरकार द्वारा तय बचत योजना में जमा होगा।
- 18 महीने की विंडो: 12 महीने की सेवा जॉइनिंग के 18 महीनों के भीतर पूरी होनी चाहिए।
उदाहरण के लिए, अगर आपका EPF वेतन (बेसिक + DA) ₹22,000 है, तो आपका कुल इंसेंटिव ₹15,000 (अधिकतम सीमा) बनेगा। 6 महीने बाद आपको लगभग ₹7,500 मिलेंगे और 12 महीने बाद कोर्स पूरा करने पर बाकी ₹7,500।
किन लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा?
हर योजना की तरह इसमें भी कुछ अपवाद हैं। इन लोगों को लाभ नहीं मिलेगा:
- सरकारी कर्मचारी: सरकारी नौकरी वाले इस योजना के दायरे में नहीं आते, क्योंकि वे EPF की जगह GPF या NPS के तहत आते हैं।
- पुराने EPFO सदस्य: जो 1 अगस्त 2025 से पहले कभी EPFO के सदस्य रह चुके हैं, वे “फर्स्ट टाइमर” नहीं माने जाएंगे।
- ₹1 लाख से ज्यादा वेतन वाले: जॉइनिंग के समय मासिक सकल वेतन ₹1 लाख से अधिक होने पर पात्रता नहीं बनेगी।
- बिना EPFO वाली कंपनियां: जो कंपनी EPFO से पंजीकृत नहीं है, वहां काम करने वालों को लाभ नहीं मिलेगा।
- 31 जुलाई 2027 के बाद जॉइन करने वाले: योजना की पंजीकरण अवधि 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक ही है।
लाभ के लिए जरूरी दस्तावेज
अलग से आवेदन नहीं करना है, फिर भी ये दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड (UAN और बैंक खाते से लिंक)
- पैन कार्ड
- बैंक खाते की पासबुक या कैंसिल्ड चेक (आधार-सीडेड खाता)
- जॉइनिंग लेटर / अपॉइंटमेंट लेटर
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- UMANG ऐप (फेस ऑथेंटिकेशन और UAN के लिए)
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
- कोई फीस नहीं: यह पूरी तरह सरकारी योजना है। अगर कोई एजेंट या वेबसाइट पैसे मांगती है, तो वह धोखाधड़ी है।
- नौकरी न बदलें जल्दबाजी में: पहली किस्त के लिए एक ही कंपनी में लगातार 6 महीने काम करना जरूरी है। बीच में नौकरी बदलने पर किस्त अटक सकती है।
- UAN में गलती न हो: नाम, जन्मतिथि और आधार डिटेल UAN में सही होनी चाहिए, वरना DBT पेमेंट फेल हो सकता है।
- कोर्स न भूलें: दूसरी किस्त के लिए फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स अनिवार्य है — इसे समय पर पूरा कर लें।
- आधिकारिक स्रोत ही मानें: योजना से जुड़ी हर जानकारी EPFO या श्रम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।
कुल मिलाकर PM Viksit Bharat Rozgar Yojana उन करोड़ों युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है जो पहली बार प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। ₹15,000 का इंसेंटिव भले ही बहुत बड़ी रकम न लगे, लेकिन करियर की शुरुआत में यह रकम काफी मददगार साबित हो सकती है — चाहे वह नए शहर में रहने का खर्च हो, स्किल सीखने की फीस हो या छोटी-मोटी जरूरतें। अगर आप पात्र हैं, तो अपने UAN और आधार लिंकिंग को आज ही दुरुस्त कर लें ताकि आपका हक का पैसा समय पर मिल सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana में कितना पैसा मिलता है?
पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को एक महीने के EPF वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक का इंसेंटिव दो किस्तों में मिलता है — 6 महीने बाद और 12 महीने बाद।
क्या इस योजना के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है?
नहीं। अगर आपकी कंपनी EPFO से जुड़ी है, आपका UAN बना है और बैंक खाता आधार से लिंक है, तो पात्रता अपने आप तय होती है। बस 6 महीने लगातार नौकरी और फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स की शर्तें पूरी करनी होती हैं।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana की अंतिम तिथि क्या है?
योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच जॉइन करने वाले कर्मचारियों के लिए लागू है। इस अवधि के बाद जॉइन करने वालों को लाभ नहीं मिलेगा।
क्या सरकारी नौकरी वालों को भी लाभ मिलेगा?
नहीं। सरकारी कर्मचारी EPF की जगह GPF या NPS के तहत आते हैं, इसलिए वे इस योजना के पात्र नहीं हैं। यह योजना प्राइवेट/फॉर्मल सेक्टर के पहली बार नौकरी करने वालों के लिए है।
दूसरी किस्त के लिए फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स क्यों जरूरी है?
सरकार चाहती है कि युवा पैसों का सही इस्तेमाल और बचत करना सीखें। यह मुफ्त ऑनलाइन कोर्स पूरा करने पर ही दूसरी किस्त जारी होती है, और इसका एक हिस्सा बचत योजना में जमा होता है।
अगर मैं 6 महीने से पहले नौकरी छोड़ दूं तो क्या होगा?
पहली किस्त के लिए एक ही संस्थान में लगातार 6 महीने काम करना अनिवार्य है। इससे पहले नौकरी छोड़ने पर आप उस किस्त के हकदार नहीं रहेंगे।












