PM Surya Ghar Yojana का नया नियम जारी, हाइब्रिड सोलर लगाने वालों को मिलेगी सब्सिडी

By Pragati

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PM Surya Ghar Yojana:अगर आप भी अपना घर पर सोलर पैनल लगा चाहते हो या सोच रहे हो और साथ में बैटरी भी चाहते हो तो यह जानकारी आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है आपके लिए एक अच्छी खबर है प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर सरकार ने एक बड़ा बदलाव करने की सोचा है

आप हाइब्रित सोलर सिस्टमलगवानेवाले लोगों को भी योजना के तहत सब्सिडी फ़ायदा मिल सकता है पाहिले  यह नहीं मिलता था इस से पाहिले हेब्रिट सिस्टम या बैटरी को होने की वजह से इसे सब से महँगा माना जाता था और इस पर सब्सिडी नहीं दी जाति थी अभी नियम बदलने के बाद जिस ब्रिट सोलह सिस्टम लगा है ए लोग भी इस योजना को लाभ ले सकते हैं

हैब्रिट सोलर पर क्या बदलाव हुआ है

पीएम सूर्य घर योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए सब्सिडी दी जाती है। अब तक अगर कोई व्यक्ति हाइब्रिड सोलर सिस्टम लगवाता था, तो उसे इस सिस्टम पर सब्सिडी नहीं मिलती थी।

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लेकिन अब हाइब्रिड सिस्टम को भी सब्सिडी के दायरे में लाया गया है।

इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप सोलर पैनल के साथ बैटरी वाला सिस्टम लगवाना चाहते हैं, तो आपको पहले के मुकाबले राहत मिल सकती है।

3 किलोवाट सोलर पर कितनी सब्सिडी?

दिए गए विवरण के अनुसार 3 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम लगवाने में करीब 2 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है।

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इसमें केंद्र और राज्य की तरफ से मिलने वाली कुल सब्सिडी करीब 1.08 लाख रुपये बताई गई है।

हालांकि, सब्सिडी की सही राशि और आपको कितना लाभ मिलेगा, यह आपके राज्य के नियम और लागू प्रक्रिया पर निर्भर कर सकता है। इसलिए आवेदन या सिस्टम लगवाने से पहले अधिकृत वेंडर या संबंधित नोडल एजेंसी से जानकारी लेना सही रहेगा।

पहले हाइब्रिड सिस्टम पर सब्सिडी क्यों नहीं मिलती थी?

हाइब्रिड सोलर सिस्टम सामान्य सोलर सिस्टम से थोड़ा अलग होता है। इसमें सोलर पैनल के साथ हाइब्रिड इन्वर्टर और बैटरी भी लगाई जाती है।

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इस वजह से इसका खर्च सामान्य सोलर सिस्टम से ज्यादा आता है। इसी कारण पहले इसे महंगा या लग्जरी सिस्टम माना जाता था और सब्सिडी नहीं दी जाती थी।

अब सरकार ने हाइब्रिड सिस्टम को भी योजना के तहत शामिल करने का फैसला लिया है।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

इसका एक बड़ा कारण बिजली के ग्रिड पर पड़ने वाला लोड है।

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दिन के समय सोलर पैनल से बिजली बनती है, इसलिए उस समय घरों की ग्रिड से बिजली की जरूरत कम हो जाती है। लेकिन शाम होते ही सोलर से बिजली बनना कम या बंद हो जाता है और घरों में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है।

इस समय ग्रिड पर ज्यादा दबाव पड़ता है।

हाइब्रिड सिस्टम में बैटरी लगी होती है। ऐसे में शाम के समय सोलर से बनी बिजली का इस्तेमाल बैटरी से किया जा सकता है। इससे घर को तुरंत ग्रिड की बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

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Hybrid Solar System कैसे काम करता है?

इसे आसान तरीके से समझें तो दिन में सोलर पैनल बिजली बनाते हैं। इस बिजली से घर के उपकरण चल सकते हैं और जरूरत के हिसाब से बैटरी भी चार्ज हो सकती है।

शाम को जब धूप नहीं रहती, तब घर की जरूरत के लिए बैटरी से बिजली मिल सकती है।

अगर बैटरी की बिजली खत्म हो जाती है, तो हाइब्रिड इन्वर्टर ग्रिड की बिजली से घर को बिजली देने लगता है।

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यानी इसमें सोलर, बैटरी और ग्रिड तीनों के साथ काम करने की सुविधा रहती है।

आम सोलर और हाइब्रिड सोलर में क्या फर्क है?

सामान्य सोलर सिस्टम में सोलर से बनने वाली बिजली का इस्तेमाल दिन के समय किया जाता है और बाकी व्यवस्था ग्रिड से जुड़ी रहती है।

वहीं हाइब्रिड सोलर सिस्टम में बैटरी भी जुड़ी होती है। इसलिए दिन में बनी बिजली को बैटरी में जमा करके बाद में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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यही बैटरी बैकअप हाइब्रिड सिस्टम को सामान्य सिस्टम से अलग बनाता है।

उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?

पहले बैटरी वाला हाइब्रिड सिस्टम लगवाने पर उपभोक्ता को पूरा अतिरिक्त खर्च खुद उठाना पड़ता था।

अब सब्सिडी मिलने से ऐसे लोगों के लिए हाइब्रिड सिस्टम लगवाना पहले के मुकाबले ज्यादा आसान हो सकता है।

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खासकर जिन जगहों पर बिजली कटने की समस्या रहती है, वहां बैटरी बैकअप काम आ सकता है। दिन में सोलर से बिजली और शाम के समय बैटरी से बिजली इस्तेमाल करने का विकल्प मिल जाता है।

ध्यान रखने वाली जरूरी बात

यह बात ध्यान में रखें कि सिर्फ सोलर सिस्टम लगवाने से सब्सिडी अपने आप नहीं मिल जाती। योजना के नियम, पात्रता, वेंडर और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।

इसलिए सिस्टम लगवाने से पहले यह जरूर पता कर लें कि आपका चुना हुआ हाइब्रिड सोलर सिस्टम योजना के तहत सब्सिडी के लिए मान्य है या नहीं।

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साथ ही सब्सिडी की अंतिम राशि और आवेदन की प्रक्रिया अपने राज्य की संबंधित नोडल एजेंसी या अधिकृत वेंडर से जरूर जांच लें।

निष्कर्ष

कुल मिलकर यह प्रधानमंत्री श्रेया घर योजना एक है हाइब्रिट सिस्टम को सब्सिडी के दायरे में लेन के पैस सरकार ने उन लोगों के लिए लिया है जोहाइब्रिट सोलर सिस्टम उसे करने हैं सोलर के साथ साथ बैटरी भी चाहते हैं

अगर आप भी अपना घर पर हाइब्रिट सोलर सिस्टम लगवाए की सोच रहे हैं तो जल्दी से नख अपनी पात्रता सभी की राशि और ऑल्ट जानकारी ज़रूरत

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