Ambedkar DBT Voucher Yojana 2026: राजस्थान सरकार द्वारा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के दौरान होने वाले आवास और दैनिक खर्चों में सहायता देने के उद्देश्य से अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र छात्रों को किराये के कमरे या पेइंग गेस्ट के रूप में रहने पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए योजना के ऑनलाइन आवेदन 15 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुके हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान के 14 अक्टूबर 2026 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना का लाभ उन पात्र विद्यार्थियों को दिया जाना है जो जिला मुख्यालय स्थित सरकारी कॉलेजों में कला, विज्ञान या वाणिज्य संकाय के नियमित स्नातक अथवा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे हैं और पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर किराये पर रहते हैं।
योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को हर महीने ₹2,000 की सहायता दी जाती है। यह राशि अधिकतम 10 महीने तक मिल सकती है, यानी एक शैक्षणिक वर्ष में अधिकतम ₹20,000 की सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस सत्र में कुल 5,500 विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इच्छुक छात्र एसएसओ आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिनके पास एसएसओ आईडी नहीं है, वे ई-मित्र केंद्र की सहायता भी ले सकते हैं।
Ambedkar DBT Voucher Yojana 2026-27: योजना की मुख्य जानकारी
अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना का उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों को घर से दूर रहकर पढ़ाई करने के दौरान होने वाले खर्चों में आर्थिक मदद देना है। योजना से संबंधित प्रमुख विवरण नीचे दिए गए हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना |
| शैक्षणिक सत्र | 2026-27 |
| संबंधित विभाग | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान |
| आवेदन शुरू होने की तारीख | 15 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन की अंतिम तारीख | 30 नवंबर 2026 |
| मासिक सहायता राशि | ₹2,000 |
| अधिकतम सहायता अवधि | 10 महीने प्रति वर्ष |
| अधिकतम वार्षिक सहायता | ₹20,000 |
| कुल निर्धारित लाभार्थी | 5,500 छात्र |
| अधिकतम लाभ अवधि | एक विद्यार्थी को अधिकतम 5 वर्ष |
| आवेदन का माध्यम | राजस्थान एसएसओ पोर्टल या ई-मित्र |
| आधिकारिक पोर्टल | sso.rajasthan.gov.in |
योजना का लाभ लेने से पहले विद्यार्थियों को अपनी पात्रता, परिवार की वार्षिक आय और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए। केवल आवेदन करने से सहायता मिलना सुनिश्चित नहीं होता। आवेदन की संबंधित कॉलेज और विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है।
अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना में कितनी सीटें निर्धारित हैं?
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इस योजना में कुल 5,500 विद्यार्थियों को सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है। लाभार्थियों का चयन निर्धारित वर्ग, जिले और संकाय के लक्ष्यों के अनुसार किया जाएगा। अलग-अलग श्रेणियों के लिए सीटों की संख्या और परिवार की अधिकतम वार्षिक आय सीमा निर्धारित की गई है।
| श्रेणी | निर्धारित सीटें | अधिकतम वार्षिक पारिवारिक आय |
|---|---|---|
| अनुसूचित जाति (SC) | 1,500 | ₹2.50 लाख |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 1,500 | ₹2.50 लाख |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | 750 | ₹1.50 लाख |
| अति पिछड़ा वर्ग (MBC/SBC) | 750 | ₹2.50 लाख |
| आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) | 500 | ₹1.00 लाख |
| अल्पसंख्यक वर्ग | 500 | ₹2.50 लाख |
| कुल | 5,500 | — |
परिवार की आय सीमा संबंधित श्रेणी के अनुसार तय की गई है। आवेदन करते समय विद्यार्थी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर हो। आय से जुड़ी जानकारी जन आधार के माध्यम से भी प्राप्त की जा सकती है।
सीटें सीमित होने के कारण सभी आवेदनकर्ताओं को सहायता मिलना जरूरी नहीं है। आवेदन की जांच और स्वीकृति निर्धारित नियमों तथा उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार की जाएगी।
Ambedkar DBT Voucher Yojana 2026 की पात्रता शर्तें
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी को विभाग द्वारा तय की गई सभी जरूरी शर्तों को पूरा करना होगा। आवेदन से पहले निम्नलिखित नियमों को ध्यान से समझ लें।
1. राजस्थान का मूल निवासी होना जरूरी
आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। इसके साथ ही उसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग या अल्पसंख्यक श्रेणी में शामिल होना चाहिए।
2. सरकारी कॉलेज में नियमित अध्ययन
विद्यार्थी जिला मुख्यालय पर संचालित सरकारी कॉलेज में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहा हो। पाठ्यक्रम कला, विज्ञान या वाणिज्य संकाय में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर स्तर का होना चाहिए। निर्धारित शर्तों के अनुसार अध्ययनरत होने का प्रमाण देना आवश्यक है।
3. परिवार की आय निर्धारित सीमा से अधिक न हो
आवेदक के माता-पिता या अभिभावक की सालाना आय उसकी संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, OBC श्रेणी के लिए अधिकतम आय सीमा ₹1.50 लाख और EWS श्रेणी के लिए ₹1 लाख निर्धारित की गई है।
4. कॉलेज वाले शहर का स्थानीय निवासी न हो
विद्यार्थी जिस जिले के सरकारी कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है, उस शहर के नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका क्षेत्र का निवासी नहीं होना चाहिए। योजना का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को सहायता देना है जिन्हें पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर रहना पड़ता है।
5. पढ़ाई वाले शहर में माता-पिता का अपना मकान न हो
यदि विद्यार्थी जिस शहर या स्थान पर पढ़ रहा है, वहां उसके माता-पिता या अभिभावक का अपना मकान है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा। आवेदन से पहले इस शर्त को ध्यान में रखना जरूरी है।
6. सरकारी छात्रावास में रहने वाले छात्र पात्र नहीं
जो विद्यार्थी सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे। यह सहायता मुख्य रूप से किराये के कमरे या पेइंग गेस्ट के रूप में रहने वाले पात्र छात्रों के लिए है।
7. अधिकतम पांच वर्ष तक लाभ
दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक विद्यार्थी इस योजना का लाभ अधिकतम पांच वर्षों तक प्राप्त कर सकता है। सहायता की मंजूरी संबंधित पात्रता, आवेदन की जांच और विभागीय नियमों के अधीन होगी।
अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय विद्यार्थियों को निर्धारित दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। दस्तावेजों में त्रुटि होने या प्रमाण उपलब्ध न होने पर आवेदन की जांच प्रभावित हो सकती है।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची इस प्रकार है:
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सक्षम अधिकारी द्वारा जारी राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र।
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जिला मुख्यालय स्थित सरकारी कॉलेज में नियमित अध्ययन करने का प्रमाण पत्र।
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किराये के मकान में रहने का स्व-प्रमाणित प्रमाण पत्र या किराये की रसीद की प्रति।
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पिछले वर्ष उत्तीर्ण कक्षा की अंकतालिका।
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अति पिछड़ा वर्ग (MBC) के विद्यार्थियों के लिए अलग से जाति प्रमाण पत्र।
जन आधार में जानकारी सही होना क्यों जरूरी है?
योजना के आवेदन के दौरान आधार संख्या, जाति, परिवार की आय और विद्यार्थी के स्वयं के बैंक खाते से जुड़ी जानकारी जन आधार की वेब सेवा के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त की जाती है। इसलिए आवेदन शुरू करने से पहले जन आधार रिकॉर्ड की जांच कर लेना उपयोगी है।
विशेष रूप से यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी का नाम, जाति, परिवार की आय और उसके अपने बैंक खाते का विवरण सही दर्ज हो। बैंक खाते की जानकारी में गलती होने पर सहायता राशि प्राप्त करने में परेशानी आ सकती है। यदि किसी विवरण में त्रुटि है, तो आवेदन करने से पहले संबंधित रिकॉर्ड को ठीक करवाएं।
Ambedkar DBT Voucher Yojana 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
राजस्थान के पात्र विद्यार्थी अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
चरण 1: राजस्थान एसएसओ पोर्टल खोलें
सबसे पहले sso.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जाएं। अपनी एसएसओ आईडी और पासवर्ड की सहायता से लॉगिन करें। यदि आपकी एसएसओ आईडी नहीं बनी है, तो ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन करने का विकल्प उपलब्ध है।
चरण 2: SJMS SMS विकल्प चुनें
लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड पर उपलब्ध SJMS SMS आइकन पर क्लिक करें। संबंधित डैशबोर्ड खुलने के बाद उसमें DBT Voucher विकल्प को चुनें।
चरण 3: आवेदन फॉर्म में जानकारी भरें
जन आधार के माध्यम से मांगी गई जानकारी की जांच करें और आवेदन फॉर्म में जरूरी विवरण भरें। यह सुनिश्चित करें कि व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और बैंक खाते से संबंधित रिकॉर्ड सही हों।
चरण 4: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
निर्धारित दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करें। किराये के मकान का प्रमाण, नियमित अध्ययन प्रमाण पत्र और अंकतालिका जैसे दस्तावेज स्पष्ट और पढ़ने योग्य होने चाहिए। आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों को दोबारा जांच लें।
चरण 5: आवेदन जमा करके संख्या सुरक्षित रखें
फॉर्म पूरा होने के बाद उसे सबमिट करें। आवेदन जमा होने पर मिलने वाली आवेदन संख्या या पावती को सुरक्षित रख लें। भविष्य में आवेदन की स्थिति जानने या किसी समस्या के समाधान के लिए इसकी जरूरत पड़ सकती है।
आवेदन की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 है। इसलिए अंतिम दिनों तक इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा करना बेहतर होगा।
आवेदन जमा होने के बाद क्या प्रक्रिया होगी?
आवेदन जमा करने के बाद संबंधित सरकारी कॉलेज द्वारा ऑनलाइन आवेदन की जांच की जाएगी। कॉलेज यह सत्यापित करेगा कि विद्यार्थी द्वारा दी गई जानकारी और अपलोड किए गए दस्तावेज निर्धारित नियमों के अनुसार सही हैं या नहीं।
जांच में आवेदन सही पाए जाने पर उसे ऑनलाइन स्वीकृति के लिए संबंधित अधिकारी के पास भेजा जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्वीकृति की जिम्मेदारी विद्यार्थी के गृह जिले में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संबंधित अधिकारी की होगी। इनमें संयुक्त निदेशक, उप निदेशक या जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी शामिल हो सकते हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि स्वीकृति देने वाला अधिकारी आवश्यक रूप से उसी जिले का नहीं होता, जहां विद्यार्थी का कॉलेज स्थित है। विभागीय प्रक्रिया के अनुसार गृह जिले के संबंधित अधिकारी आवेदन पर निर्णय लेते हैं।
स्वीकृति मिलने के बाद पात्र विद्यार्थी को सहायता राशि सीधे उसके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। भुगतान मासिक आधार पर किया जाता है और सहायता की अधिकतम अवधि साल में 10 महीने है। आवेदन जमा करने के बाद विद्यार्थी को अपने दस्तावेजों और बैंक विवरण की शुद्धता बनाए रखनी चाहिए।
अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना 2026-27: महत्वपूर्ण बातें
अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना राजस्थान के उन पात्र छात्रों के लिए उपयोगी सहायता है, जो सरकारी कॉलेज में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए घर से दूर किराये पर रहते हैं। इसके तहत अधिकतम ₹20,000 सालाना सहायता मिल सकती है, लेकिन लाभ प्राप्त करने के लिए आय सीमा, निवास, पाठ्यक्रम और रहने की स्थिति से जुड़ी सभी शर्तें पूरी करना आवश्यक है।
आवेदन करने से पहले जन आधार में बैंक खाते और अन्य जानकारी की जांच करें। सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें। योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 है। आवेदन और आगे की प्रक्रिया के लिए राजस्थान एसएसओ पोर्टल या नजदीकी ई-मित्र केंद्र का उपयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना में हर महीने कितने रुपये मिलते हैं?
योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को हर महीने ₹2,000 की सहायता दी जाती है। यह राशि एक वर्ष में अधिकतम 10 महीने तक मिल सकती है।
योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन 15 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए हैं और अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
क्या छात्राएं भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं?
दिए गए दिशा-निर्देशों में योजना को नियमित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों यानी बालकों के लिए बताया गया है। इसलिए पात्रता की पुष्टि के लिए विभाग के आधिकारिक दिशा-निर्देश देखना जरूरी है।
क्या निजी कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं?
दिए गए विवरण के अनुसार, योजना जिला मुख्यालय पर स्थित सरकारी कॉलेजों में कला, विज्ञान या वाणिज्य के नियमित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए है।
क्या सरकारी छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा?
नहीं। दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी इस योजना के पात्र नहीं हैं।
योजना के लिए आवेदन कहां किया जा सकता है?
विद्यार्थी राजस्थान एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन करके आवेदन कर सकते हैं। एसएसओ आईडी उपलब्ध नहीं होने पर नजदीकी ई-मित्र केंद्र से भी आवेदन किया जा सकता है।














