PM Kusum Yojana 2026: किसानों को सिंचाई के लिए डीजल और बिजली पर होने वाले खर्च से राहत देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना संचालित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को सोलर पंप लगाने और कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता मिल सकती है। कुछ मामलों में किसान अपनी अनुपयोगी या बंजर जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करके बिजली बेचने का अवसर भी प्राप्त कर सकते हैं।
अगर आपने पीएम कुसुम योजना के लिए आवेदन किया है और अब अपने आवेदन की स्थिति जानना चाहते हैं, तो आप संबंधित राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर स्टेटस चेक कर सकते हैं। वहीं, नए आवेदन करने वाले किसानों को अपने राज्य में आवेदन की उपलब्धता, पात्रता और सब्सिडी से संबंधित नियमों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
इस लेख में PM Kusum Yojana Status Check 2026, सोलर पंप पर मिलने वाली सब्सिडी, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया है।
PM Kusum Yojana 2026 Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान |
| प्रचलित नाम | PM-KUSUM Yojana |
| संबंधित मंत्रालय | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) |
| मुख्य लाभार्थी | पात्र किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य पात्र आवेदक |
| योजना का उद्देश्य | सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और कृषि में ऊर्जा खर्च कम करना |
| प्रमुख लाभ | सोलर पंप, कृषि पंपों का सौरकरण और सौर ऊर्जा संयंत्र |
| सब्सिडी | घटक, राज्य और लागू नियमों के अनुसार |
| आवेदन का माध्यम | संबंधित राज्य की अधिकृत एजेंसी या पोर्टल |
| आवेदन स्टेटस | राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध सुविधा के अनुसार |
| आधिकारिक पोर्टल | PM-KUSUM National Portal |
PM Kusum Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री कुसुम योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान है। इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना, सिंचाई की लागत कम करने में सहायता देना और किसानों को स्वच्छ ऊर्जा के विकल्प उपलब्ध कराना है।
कृषि कार्यों में बिजली की अनियमित आपूर्ति और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों को कई बार अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। सोलर पंप का उपयोग करने से दिन के समय सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का लाभ मिल सकता है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में सहायता मिलती है।
इस योजना के अंतर्गत अलग-अलग घटकों के माध्यम से सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, स्वतंत्र सोलर कृषि पंप लगाने और मौजूदा बिजली से चलने वाले कृषि पंपों के सौरकरण को बढ़ावा दिया जाता है।
योजना का कार्यान्वयन संबंधित राज्य सरकारों की नामित एजेंसियों के माध्यम से किया जाता है। इसलिए आवेदन की प्रक्रिया और उपलब्ध विकल्प राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं।
PM Kusum Yojana के तीन प्रमुख घटक
1. घटक A: सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना
इस घटक के अंतर्गत निर्धारित नियमों के अनुसार किसान, किसानों के समूह और अन्य पात्र संस्थाएं जमीन पर ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। उत्पादित बिजली को संबंधित बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) खरीद सकती है। बिजली खरीद की दर संबंधित राज्य के नियामक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित की जाती है।
यह विकल्प उन पात्र किसानों के लिए उपयोगी हो सकता है जिनके पास अनुपयोगी या बंजर भूमि उपलब्ध है और जो सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।
2. घटक B: स्वतंत्र सोलर कृषि पंप
इस घटक का उद्देश्य ऐसे कृषि क्षेत्रों में स्वतंत्र सोलर पंप उपलब्ध कराना है, जहां सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जा सकता है। पात्रता और स्वीकृति मिलने पर किसान निर्धारित शर्तों के अनुसार सोलर पंप लगवा सकते हैं।
3. घटक C: मौजूदा कृषि पंपों का सौरकरण
इस घटक के तहत पहले से बिजली ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की व्यवस्था है। इसमें व्यक्तिगत कृषि पंपों का सौरकरण और कृषि फीडरों के स्तर पर सौर ऊर्जा की व्यवस्था जैसे विकल्प शामिल हैं।
किसी किसान को कौन-सा विकल्प उपलब्ध होगा, यह उसके मौजूदा कृषि कनेक्शन, राज्य की स्वीकृति और संबंधित घटक के नियमों पर निर्भर करेगा।
PM Kusum Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?
पीएम कुसुम योजना में मिलने वाली वित्तीय सहायता हर स्थिति में एक समान नहीं होती। यह इस बात पर निर्भर करती है कि आवेदन किस घटक के अंतर्गत किया गया है, किसान किस राज्य में रहता है और संबंधित परियोजना पर कौन-से नियम लागू हैं।
आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल के अनुसार, पात्र सोलर पंप और व्यक्तिगत कृषि पंप सौरकरण के मामलों में केंद्र सरकार की सहायता सामान्यतः निर्धारित बेंचमार्क लागत या टेंडर में तय कीमत में से लागू कम राशि के आधार पर दी जाती है।
-
सामान्य राज्यों में केंद्रीय वित्तीय सहायता निर्धारित बेंचमार्क लागत या टेंडर मूल्य के 30% तक हो सकती है।
-
पूर्वोत्तर राज्यों सहित कुछ विशेष, पहाड़ी और द्वीपीय क्षेत्रों में केंद्रीय सहायता 50% तक हो सकती है।
-
संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की ओर से अतिरिक्त सहायता लागू हो सकती है।
-
शेष लागत का भुगतान किसान को करना पड़ सकता है।
कुछ परिस्थितियों में राज्य सरकार की 30% हिस्सेदारी उपलब्ध न होने पर भी योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता दी जा सकती है। ऐसे मामलों में बाकी लागत का बड़ा हिस्सा किसान को वहन करना पड़ सकता है।
इसलिए सोलर पंप पर 60% या 90% सब्सिडी मिलने का दावा देखकर तुरंत आवेदन या भुगतान न करें। अपने राज्य के अधिकृत पोर्टल पर लागू सहायता, किसान की हिस्सेदारी और पंप की कीमत की पुष्टि जरूर करें।
PM Kusum Yojana Status Check 2026 कैसे करें?
अगर आपने पहले ही आवेदन जमा कर दिया है, तो उसकी स्थिति जानने के लिए संबंधित राज्य के पोर्टल पर उपलब्ध ट्रैकिंग सुविधा का उपयोग करें।
आवेदन की स्थिति जांचने के चरण
चरण 1: सबसे पहले पीएम कुसुम योजना के राष्ट्रीय पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in पर जाएं।
चरण 2: अपने राज्य की अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसी या संबंधित राज्य पोर्टल की जानकारी प्राप्त करें।
चरण 3: राज्य के पोर्टल पर उपलब्ध “Application Status”, “Track Application” या इसी तरह के विकल्प को खोलें।
चरण 4: मांगे जाने पर अपना आवेदन नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें। कुछ पोर्टल अतिरिक्त जानकारी या OTP भी मांग सकते हैं।
चरण 5: यदि कैप्चा या सत्यापन कोड दिया गया है, तो उसे भरकर आगे बढ़ें।
चरण 6: उपलब्ध विवरण के आधार पर आवेदन की वर्तमान स्थिति देखें। यदि पोर्टल यह सुविधा देता है, तो आवेदन की प्रगति या संबंधित निर्देश भी देख सकते हैं।
ध्यान रखें कि सभी राज्यों में एक जैसी वेबसाइट या स्टेटस चेक प्रक्रिया नहीं होती। यदि आवेदन नंबर उपलब्ध नहीं है, तो संबंधित विभाग या अधिकृत एजेंसी से संपर्क करें।
PM Kusum Yojana के लिए पात्रता
योजना के अंतर्गत पात्रता संबंधित घटक और राज्य के नियमों के अनुसार निर्धारित की जाती है। सामान्य तौर पर निम्नलिखित बातों की जांच करना उपयोगी होगा:
-
आवेदक किसान या संबंधित घटक के अंतर्गत पात्र व्यक्ति अथवा संस्था होना चाहिए।
-
सोलर पंप के लिए कृषि भूमि और सिंचाई संबंधी आवश्यकताएं पूरी होनी चाहिए।
-
मौजूदा बिजली से चलने वाले पंप के सौरकरण के लिए कृषि बिजली कनेक्शन से संबंधित शर्तें लागू हो सकती हैं।
-
सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए जमीन, परियोजना क्षमता और बिजली वितरण कंपनी से संबंधित नियमों का पालन करना होगा।
-
आवेदक को निर्धारित किसान हिस्सेदारी या परियोजना लागत का भुगतान करने की क्षमता रखनी पड़ सकती है।
-
आवेदन के साथ सही और वैध दस्तावेज जमा करना आवश्यक है।
इन शर्तों को सामान्य मार्गदर्शन समझें। अंतिम पात्रता संबंधित राज्य की अधिसूचना और आवेदन श्रेणी के अनुसार तय होगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:
-
आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र।
-
किसान का मोबाइल नंबर।
-
भूमि से संबंधित दस्तावेज।
-
बैंक खाते की जानकारी या पासबुक की प्रति।
-
पासपोर्ट साइज फोटो।
-
कृषि बिजली कनेक्शन का विवरण, यदि लागू हो।
-
किसान पंजीकरण या संबंधित प्रमाणपत्र, यदि आवश्यक हो।
-
निर्धारित आवेदन फॉर्म और घोषणा पत्र।
-
संबंधित राज्य द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज।
दस्तावेजों की वास्तविक सूची राज्य और योजना के घटक के अनुसार अलग हो सकती है। आवेदन शुरू करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए निर्देश पढ़ें।
PM Kusum Yojana Online Apply 2026: आवेदन कैसे करें?
नई आवेदन प्रक्रिया हर राज्य में एक ही समय पर उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है। यदि आपके राज्य में संबंधित घटक के लिए आवेदन खुले हैं, तो सामान्यतः इन चरणों का पालन किया जा सकता है।
चरण 1: आधिकारिक पोर्टल खोलें
PM-KUSUM के राष्ट्रीय पोर्टल पर जाएं और अपने राज्य की अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसी का विवरण प्राप्त करें।
चरण 2: उपलब्ध आवेदन विकल्प देखें
पता करें कि आपके राज्य में घटक A, घटक B या घटक C में से किसके लिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
चरण 3: आवेदन फॉर्म भरें
पोर्टल पर उपलब्ध फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, जमीन, कृषि पंप और अन्य मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
चरण 4: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
निर्धारित प्रारूप में दस्तावेज अपलोड करें और सभी विवरणों का मिलान मूल दस्तावेजों से करें।
चरण 5: आवेदन जमा करें
फॉर्म की जांच करने के बाद उसे सबमिट करें। आवेदन नंबर या पावती प्राप्त होने पर उसे सुरक्षित रखें, ताकि बाद में स्टेटस चेक करने में आसानी हो।
चरण 6: स्वीकृति और भुगतान संबंधी निर्देश देखें
यदि आवेदन स्वीकृत होता है, तो संबंधित एजेंसी द्वारा बताई गई प्रक्रिया का पालन करें। किसान की हिस्सेदारी, अधिकृत विक्रेता और पंप स्थापना के संबंध में केवल आधिकारिक निर्देशों पर भरोसा करें।
पीएम कुसुम योजना के नाम पर धोखाधड़ी से सावधान रहें
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पीएम कुसुम योजना के नाम पर चलने वाली फर्जी वेबसाइटों और ऐप्स को लेकर चेतावनी दी है। कुछ वेबसाइटें किसानों से पंजीकरण शुल्क या सोलर पंप की कीमत के नाम पर ऑनलाइन भुगतान मांग सकती हैं।
इसलिए आवेदन करने से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता जांचें। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित लिंक के आधार पर भुगतान करने से बचें।
योजना की जानकारी के लिए आधिकारिक PM-KUSUM पोर्टल और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट देखें। राष्ट्रीय पोर्टल पर सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-3333 भी दिया गया है।
PM Kusum Yojana 2026: महत्वपूर्ण लिंक
| उपयोग | लिंक |
|---|---|
| राष्ट्रीय पीएम कुसुम पोर्टल | यहां जाएं |
| योजना की आधिकारिक जानकारी | MNRE वेबसाइट |
| राज्य की कार्यान्वयन एजेंसी | राष्ट्रीय पोर्टल पर संबंधित राज्य का विवरण देखें |
| आवेदन की स्थिति | संबंधित राज्य पोर्टल पर उपलब्ध स्टेटस सुविधा का उपयोग करें |
PM Kusum Yojana FAQs
1. पीएम कुसुम योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना, सिंचाई के लिए पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करना और पात्र किसानों को सौर ऊर्जा से जुड़े अवसर उपलब्ध कराना है।
2. क्या पीएम कुसुम योजना में सोलर पंप पर सब्सिडी मिलती है?
हां, पात्र मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार वित्तीय सहायता मिल सकती है। सहायता की दर राज्य, योजना के घटक और लागू लागत संबंधी नियमों पर निर्भर करती है।
3. पीएम कुसुम योजना का स्टेटस कैसे चेक करें?
अपने राज्य की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर आवेदन नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर की मदद से उपलब्ध “Application Status” या “Track Application” विकल्प का उपयोग करें।
4. क्या सभी किसानों को एक जैसी सब्सिडी मिलती है?
नहीं। सहायता की राशि और किसान की हिस्सेदारी संबंधित राज्य, परियोजना और लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकती है।
5. क्या अभी नए आवेदन किए जा सकते हैं?
आवेदन की उपलब्धता राज्य और संबंधित घटक पर निर्भर करती है। राष्ट्रीय पोर्टल से अपने राज्य की अधिकृत एजेंसी की जानकारी लेकर वर्तमान स्थिति जांचें।
निष्कर्ष
PM Kusum Yojana 2026 किसानों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने और सिंचाई से जुड़े खर्चों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत पात्र किसानों को सोलर पंप लगाने, मौजूदा कृषि पंपों का सौरकरण कराने या निर्धारित शर्तों के तहत सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का अवसर मिल सकता है।
यदि आपने आवेदन कर दिया है, तो संबंधित राज्य के आधिकारिक पोर्टल से अपने आवेदन की स्थिति जांचें। वहीं, नया आवेदन करने से पहले पात्रता, उपलब्ध घटक, सब्सिडी और किसान की हिस्सेदारी की पुष्टि जरूर करें। फर्जी वेबसाइटों से बचें और भुगतान केवल अधिकृत प्रक्रिया के अनुसार ही करें।












